हमारा इरादा तो सुबह ४ बजे गंगा जी की दर्शन करने का था | पर हमारा एक साथी सुमित उर्फ छीनू बहुत ही सुस्त आदमी था उसको उठाने के लिए तो एक आदमी रखना चाहिए था | चलो कोई बात नहीं , उसे उठाते उठाते ही सुबह के ५:०० बज गए और हमारा गंगा मैया की आरती देखने का जो इरादा था वोह लटक कर रह गया | फिर भी सभी ने ७.०० बजे तक गंगा जी मैं स्नान कर लिया था | हमने हरिद्वार से ही एक जीप किराये पर ले ली थी केदारनाथ और बद्रीनाथ जी के लिए | सभी बाल्मीकि चौक पर पहुँच गए जहाँ पर कि हमारा ड्राईवर हमारी पर्तीक्षा कर रहा था | हम सभी ९.०० बजे तक अपनी जीप में थे | देहरादून से कुछ आगे जा कर हमने अपना नाश्ता किया सभी ने पूरी और छोल्ले खाए और आगे कि यात्रा के लिए तैयार हो गए | हम सभ में मुझे छोड़ कर सभी पहाड़ी सफ़र बहुत आराम से कर लेते हैं मतलब कि उनको उलटी बगेरह नहीं आत्ती | हमारे साथी अमित कुमार, श्याम सुंदर, अनिल मेहरा, छीनू , राजेश कुमार सभी पहाड़ी सफ़र बड़े ही आराम से कर लेते हैं | इसलिए मैंने तो अपना इंतजाम मतलब AVOMINE गोली तो हरिद्वार में जीप में चड़ने से पहले ही खा ली थी | और पुरे रस्ते में कुदरत की सुन्दरता का आनंद लेते हुए जा रहे थे | परन्तु ये क्या , नाश्ता करने के बाद और जीप के चलने के साथ ही पहले अनिल मेहरा जी की हालत ख़राब हुई फिर उनको देखकर मेरे भाई श्याम सुंदर , अमित कुमार की भी हालत ख़राब हो गयी | सभी को खाने के लिए AVOMINE गोली दी गयी | एक अमित कुमार को छोड़ कर सभी ठीक हो गए पर अमित कुमार की जो हालत ख़राब हुई वोह बद्रीनाथ से वापिस आने के बाद ही ठीक हो पाई | यहाँ पर मैं आपको एक जानकारी देना चाहूँगा की अमित कुमार, श्याम सुंदर और छीनू अमर नाथ की यात्रा ५-६ बार कर चुके हैं जबकि मैं , राजेश कुमार और अनिल मेहरा इस तेरह के पहाड़ी सफ़र मैं पहली बार जा रहे थे | वो कहते हैं न की भगवान किसी का अहंकार नहीं रहने देते उसको तोड़ कर ही रहते हैं तो इस सफ़र मैं उन्होंने अमित कुमार का अहंकार तोड़ दिया | क्योंकि वो यात्रा मैं जाने से पहले ही मेरी और राजेश कुमार की फिटनेस को लेकर मजाक उड़ा रहा था कि हमसे यात्रा ठीक से नहीं होगी | रास्ते मैं ड्राईवर ने एक जगह गाड़ी को रोक कर हमें कुदरत की खूबसूरती के दर्शन कराये | आप भी इन तस्वीरों मैं कुदरत का आनंद लीजिये :-
इसके आगे जाकर देव प्रयाग आ गया जहाँ की अलकनंदा और भगीरथी मिलती हैं और इसी के आगे हम इसको गंगा माता कहकर पुकारते हैं |
ये हैं अनिल मेहरा जी जो कि मेरी और मैं उनकी फोटो ले रह हूँ |
यह है देव प्रयाग :-
देव प्रयाग के दर्शन करने के बाद हम आगे के सफ़र के लिए तैयार हो गए | एक ढाबा देख कर लंच किया गया और आगे के लिए फिर हमारा सफ़र शुरू हो गया | कुछ आगे जा कर भागीरथी के किनारे किनारे हमारे ड्राईवर ने फिर गाडी रोक दी ताकि हम कुदरत का आनंद ले सकें | हम भी कहाँ कम थे हमने भी आम ले रखे थे और सोच लिया था कि भागीरथी के ठंडे पानी मैं आमों को ठंडा कर के खायेंगे | हमारे राजेश कुमार जी कुछ ज्यादा ही जोश मैं आ गए और कूद पड़े नहाने के लिए | देखिये तस्वीरें :-
आज हम राम नगर मैं ही रुके | एक कमरा किराये पर लिया ४ बिस्तर लगे थे और ठण्ड भी हो गयी थी तो सभी रत का खाना खाने के बाद सो गए |
अगले अंक मैं आपको शिव के धाम केदारनाथ ले चलेंगे......













भाई रामनगर तो इस रुट पर नहीं आता है, आप शायद रामपुर कहना चाह रहे है जो कि सोनप्रयाग से पहले आता है।
ReplyDeletevery well said sandeep ji, it's rampur. Thanks for correcting my mistake.
ReplyDeleteअब आगे बढो, लिख भी डालो
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